विश्व पुस्तक मेला केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि विचारों, ज्ञान और आध्यात्मिकता का महाकुंभ भी है। इस वर्ष मेले में कुछ विशेष आध्यात्मिक पुस्तकों का लोकार्पण हो रहा है, जो न केवल ज्ञान और भक्ति का संदेश देंगी, बल्कि बच्चों और युवाओं को भी भारतीय संस्कृति की गहराई से परिचित कराएंगी। और इसे देखते हुए World Book Fair में अश्वत्था ट्री ने लॉन्च की है बच्चों के आध्यात्मिक उत्थान के लिए कॉफी टेबल बुक की नई श्रृंखला जिसमें शामिल हैं-हनुमान चालीसा, मधुराष्टकम, लिंगाष्टकम और Sacred Sounds, Happy Hearts.
हाथों-हाथ खरीद रहे लोग कॉफी टेबल बुक हनुमान चालीसा
दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में बच्चे अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन के P-15 (Hall-2) पर हनुमान चालीसा में काफी इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं और उसे लोग हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन की हनुमान चालीसा बुक नहीं, बल्कि कॉफी टेबल बुक है।
हनुमान जी का कटआउट बना अट्रैक्शन
बुक स्टॉल P-15 (Hall-2) पर बड़े कटआउट में हनुमान जी बच्चों को काफी अट्रैक्ट कर रहे हैं और वे अपने सुपर हीरो हनुमान जी के साथ फोटो भी खिंचा रहे हैं। इस पुस्तक में हनुमान चालीसा को एक नए रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो बच्चों के लिए आकर्षक और समझने में आसान है। इस किताब में न केवल हनुमान चालीसा के श्लोक हैं, बल्कि उनकी व्याख्या, चित्रकला और बच्चों की तस्वीरों के साथ प्रेरक एग्जामपल भी हैं जो बच्चों को इससे जुड़ने में मदद करते हैं। किताब का शानदार डिजाइन और रंगीन चित्र इसको और भी दिलचस्प बनाते हैं। यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो बच्चों के दिलो-दिमाग पर गहरा असर डालता है।

मधुराष्टकम में कृष्ण की मधुरता का गान
‘मधुराष्टकम’ एक ऐसा कॉफी टेबल बुक है, जो भगवान श्रीकृष्ण की मधुरता और उनकी दिव्य लीलाओं का वर्णन करता है। यह ग्रंथ संगीतमय शैली में लिखा गया है, जिससे पाठक सहज ही कृष्ण की महिमा में डूब जाता है। पुस्तक का नया संस्करण विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें रंगीन चित्रों और सरल भाषा का उपयोग किया गया है, ताकि वे इसे आसानी से समझ सकें और कृष्ण-भक्ति से जुड़ सकें।

लिंगाष्टकम है भगवान शिव की आराधना
अश्वत्था ट्री बुक्स की कॉफी टेबल बुक की नई श्रृंखला है लिंगाष्टकम जो शिव-भक्तों के लिए ‘लिंगाष्टकम’ विशेष महत्व रखता है। यह ग्रंथ भगवान शिव की महिमा और उनके दिव्य स्वरूप का वर्णन करता है। पुस्तक का यह नया संस्करण विशेष रूप से आधुनिक पाठकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें शिव तत्व, ध्यान विधि और लिंगाष्टकम के भावार्थ को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक न केवल भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है, बल्कि शिव के प्रति श्रद्धा को भी गहराई प्रदान करती है।

Sacred Sounds, Happy Hearts है आध्यात्मिक ध्वनियों का प्रभाव
मिनी कॉफी टेबल बुक Sacred Sounds, Happy Hearts बताती है कि ध्वनि और संगीत का हमारे जीवन पर किस तरह से गहरा प्रभाव पड़ता है। ‘Sacred Sounds, Happy Hearts’ पुस्तक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई है कि कैसे मंत्र और शास्त्रीय ध्वनियां हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। यह पुस्तक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आध्यात्मिक ध्वनियों की महत्ता को स्पष्ट करती है और इसमें सरल व्याख्या के साथ-साथ प्रायोगिक अभ्यास भी दिए गए हैं, जिससे पाठक इन ध्वनियों का लाभ अपने दैनिक जीवन में उठा सके।

भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का प्रचार
इन तीनों पुस्तकों का प्रकाशन न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए एक सौगात है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और अध्यात्म को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी एक प्रयास है। इन ग्रंथों के माध्यम से पाठक न केवल भक्ति और ध्यान की ओर आकर्षित होंगे, बल्कि उनके जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन आएगा। विश्व पुस्तक मेले में इन पुस्तकों का लोकार्पण इस बात का प्रमाण है कि आध्यात्मिकता और संस्कृति का महत्व आज भी अटूट बना हुआ है।
अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन के स्टॉल पर जरूर जाएं
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बच्चे को एक बेहतर मानसिक और आध्यात्मिक आधार मिले, तो अश्वत्था ट्री की कॉफी टेबल बुक जरूर लें। इन बुक्स के साथ ही साथ अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन की ढेर सारी किताबें 1 से 9 फरवरी तक प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में स्टॉल नंबर P-15 (Hall-2) और G-12 (Hall-5) पर उपलब्ध होंगी। अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन की डायरेक्टर तूलिका सिंह का मानना है कि विश्व पुस्तक मेला एक अवसर है अपने बच्चों को मंत्रों की दिव्य शक्ति से जोड़ने का, जिससे वे तनावमुक्त, आत्मविश्वास से भरपूर और खुशहाल जीवन जी सकें।
https://ashwathatreebooks.com/hanuman-chalisa-for-children/
मेले का समय, टिकट की जानकारी यहां से लें
विश्व पुस्तक मेले के लिए टिकट खरीदने के लिए सबसे पहले nbtindia.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां टिकट विकल्प पर क्लिक करें और NDWBF 2025 एंट्री टिकट लिंक को चुनें। इसके बाद अपनी पसंदीदा तिथि और टिकट का प्रकार (जनरल, विशेष सदस्यता आदि) चुनें। भुगतान क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किया जा सकता है। भुगतान पूरा होने के बाद आपको ई-टिकट प्राप्त होगी, जिसे मेले में प्रवेश के समय दिखाना होगा।
मेले का समय सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक रहेगा। ऑफलाइन टिकट वयस्कों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये में उपलब्ध है जिसे मेट्रो स्टेशनों से भी खरीदा जा सकता है। दिव्यांगजन, स्कूल के छात्र और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 10 तक शटल सेवा उपलब्ध होगी।


