बचपन में हर माता-पिता यही चाहते हैं कि उनके बच्चे खुश रहें, अच्छा सीखें और तनावमुक्त जीवन जिएं। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चे भी मानसिक दबाव का शिकार हो रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना, पढ़ाई में मन न लगना, अनावश्यक डर और चिंता जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी हो जाता है कि बच्चों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास से कैसे भरपूर रखा जाए।
इसी दिशा में एक अनूठी पहल की है अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन ने, जिनकी किताब Sacred Sounds, Happy Hearts बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। यह सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि संस्कारों, शांति और सकारात्मकता का खजाना है।

मंत्रों की चमत्कारी शक्ति
यह किताब बच्चों को वैदिक मंत्रों से जोड़ने का एक आसान और सुंदर जरिया है। इसमें भोजन मंत्र, सोने से पहले के मंत्र, वैदिक मंत्र और कई अन्य शुभ ध्वनियां शामिल हैं, जिनकी चैंटिंग से बच्चों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। ये दुनिया मानती है कि मंत्रों की ध्वनि तरंगें मस्तिष्क को शांत करने का काम करती हैं, जिससे Memory Boost, Positivity, बेहतर नींद, मानसिक शांति और एकाग्रता जैसी क्षमताओं में सुधार होता है।
बदल जाएगी बच्चों की दुनिया
अगर माता-पिता Sacred Sounds, Happy Hearts की मंत्र चैंटिंग को अपने बच्चों में भरते हैं, बच्चे उसे आत्मसात कर गुनगुनाते हैं तो उनके व्यवहार में सकारात्मक असर पड़ना तय है। और आप जल्द ही देखेंगे कि पहले जो बच्चे छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ा हो जाते थे, पढ़ाई में मन नहीं लगाते थे, होमवर्क को बोझ समझते थे, वे इस बुक से चैंटिंग करने के बाद अब आत्मविश्वास से भर चुके हैं।
मंत्रों की शक्ति ने न सिर्फ उनके ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाती है, बल्कि Stress, Anxiety और Depression को भी दूर कर सकती है। यह बदलाव एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है, क्योंकि मंत्रों का उच्चारण मस्तिष्क में ऐसे तरंगों का संचार करता है, जो मानसिक शांति और ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन के स्टॉल पर जरूर जाएं
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बच्चे को एक बेहतर मानसिक और आध्यात्मिक आधार मिले, तो Sacred Sounds, Happy Hearts किताब जरूर लें। अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन की किताबें 1 से 9 फरवरी तक प्रगति मैदान के पुस्तक मेले में स्टॉल नंबर P-15 (Hall-2) और G-12 (Hall-5) पर उपलब्ध होंगी। अश्वत्था ट्री पब्लिकेशन की डायरेक्टर तूलिका सिंह का मानना है कि विश्व पुस्तक मेला एक अवसर है अपने बच्चों को मंत्रों की दिव्य शक्ति से जोड़ने का, जिससे वे तनावमुक्त, आत्मविश्वास से भरपूर और खुशहाल जीवन जी सकें।
https://ashwathatreebooks.com/hanuman-chalisa-for-children/
कहां से खरीदें टिकट
विश्व पुस्तक मेले के लिए टिकट खरीदने के लिए सबसे पहले nbtindia.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां टिकट विकल्प पर क्लिक करें और NDWBF 2025 एंट्री टिकट लिंक को चुनें। इसके बाद अपनी पसंदीदा तिथि और टिकट का प्रकार (जनरल, विशेष सदस्यता आदि) चुनें। भुगतान क्रेडिट/डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या डिजिटल वॉलेट के माध्यम से किया जा सकता है। भुगतान पूरा होने के बाद आपको ई-टिकट प्राप्त होगी, जिसे मेले में प्रवेश के समय दिखाना होगा।
मेले का समय सुबह 11 बजे से शाम 8 बजे तक रहेगा। ऑफलाइन टिकट वयस्कों के लिए 20 रुपये और बच्चों के लिए 10 रुपये में उपलब्ध है जिसे मेट्रो स्टेशनों से भी खरीदा जा सकता है। दिव्यांगजन, स्कूल के छात्र और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा। सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन से गेट नंबर 10 तक शटल सेवा उपलब्ध होगी।


